Monday, October 14, 2019

खुद पिता अपने बच्चों को तम्बाखू के जाल में फंसा रहे है।

आम तौर पर पान की दुकानों पर हमें ऐसे लोग दिख जायेंगे जो अपने लिए सिगेरट, बीड़ी या गुटखा लेने आते है तो अपने साथ छोटे बच्चों को भी ले आते है, ये लोग जानते नहीं है कि इसका उस बाल मन पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। कहीं न कहीं ये बच्चा भविष्य का तम्बाखू उपयोगकर्ता बनने के लिए तैयार हो रहा है। दूसरे बच्चों की तुलना में उन बच्चे के तम्बाखू उपयोग करने की संभावना ज्यादा हो जाती है जिनके माता पिता तम्बाखू का उपयोग उनके सामने करते है, उनको बचपन से अपने साथ पान की दुकानों में ले जाते है और बहुत बार उनको अकेले लेने भी भेजते है।
सभी गुटखे के पाउच बहुत आकर्षक रंग के होते है जो की बच्चों को आकर्षित करते है और उनके अवचेतन मन में उसके उपयोग की उत्सुकता पैदा करते है। जब पिता द्वारा ही उनको अपने साथ ले जाया जाता है तो उस दुकान पर जाना उसके लिए सामान्य सी बात हो जाती है अन्य बच्चों की तरह उसके अंदर हिचक नहीं होती है। जैसे ही उसकी पहुँच पैसो तक होती है उसका मन अपनी तम्बाखू लेकर देखने की इच्छा पूरी करने का होने लगता है और मौका मिलते ही वह खरीद लाता है और चूंकि बचपन से ही अपने पिता को उपयोग करते देख रहा होता है इस कारण उसको कैसे उपयोग करना है यह बखूबी उसको आता है।
हम जानते है कि कोई भी व्यक्ति जो खुद तम्बाखू के जाल में फंस गया है उनको लेना उसकी मजबूरी बन चुकी है वो कभी भी नहीं चाहेगा कि उसका बच्चा इसमें फंस जाये क्योंकि अब उसको खुद को नुकसान होने शुरू हो चुके होते है पर वो अनजाने ही अपने बच्चे को इसमें फंसाने की पृष्ठभूमि तैयार कर देता है।
हमारे देश में हर साल 20 लाख लोग तम्बाखू से मर रहे है तम्बाखू का सेवन करोड़ों लोगों को बीमार किये हुए है और उनकी कार्यक्षमता कम करता जा रहा है जो इसमें फंस गए है उनका निकल पाना बहुत मुश्किल है पर यदि हमें आने वाली पीढ़ी को इसके प्रकोप से बचाना है तो हमें अपने बच्चों को इसके नुकसानों के प्रति जागरूक करना होगा और यदि हम खुद इसमें फंसे हुए है तो विशेषज्ञ के माध्यम से इसमें से निकलने की कोशिश करें और अपने बच्चों के सामने उपयोग से बचे और न उनको पान गुटखा की दुकान में ले जाये और न उनको अपने लिए लेने भेजें। यदि आपका कोई परिचित भी अपने बच्चे को लेकर तम्बाखू की दुकान पर जाता है या उससे मंगवाता है तो उसे समझाएं।
राजीव तिवारी, एडिक्शन काउंसलर, शुद्धि नशा मुक्ति केंद्र, भोपाल, 9981665001
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सिगरेट एवं गुटखा से मुक्ति
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