Sunday, September 15, 2019

कुछ ड्रग्स ऐसी होती है जिनको लेने से गलत करने से रोकने वाला भय या संकोच चला जाता है जिसका परिणाम वीभत्स अपराध होते है।

नीचे संलग्न समाचार पत्र में ग्वालियर में एक वृद्धा के पांव के कड़े उतरने के लिए उसकी हत्या कर उसके पांव काटकर कड़े निकलने का समाचार प्रकाशित हुआ है । कोई व्यक्ति 30 हजार की चांदी के लिए ऐसी नृशंसता कैसे कर सकता है ? इस समाचार पत्र में स्मैक पीने वाले नशेड़ियों पर संदेह किया गया है। आइये हम जानते है की इसका कारण क्या है ?  कुछ ड्रग्स जैसे स्मैक या हेरोइन की एक खासियत यह होती है कि जो इनका नशा करना शुरू करता है तो इसकी शारीरिक और मानसिक निर्भरता धीरे धीरे अत्यधिक हो जाती है इसके बाद यदि यह नही मिले तो व्यक्ति को बहुत कष्ट होता है वो इसके बिना नही रह पाता है। दुसरीं खासियत यह है कि इसको लेने वाले का भावनात्मक संतुलन ख़राब हो जाता है जिस कारण यह लेने के बाद उसकी हिचक चली जाती है जिसका कारण यह होता है कि दिमाग में एक भाग होता है amygdala जो की गलत काम करने से पहले डर की भावना लाता है और डर की भावना आने पर व्यक्ति रूक जाता है पर ये ड्रग्स लेने के बाद उसकी डर की भावना आनी बंद हो जाती है जिससे वह कैसे भी नृशंस कार्य को अंजाम दे देता है और नशे का प्रभाव समाप्त होने के बाद वह स्वयं अपराधबोध से भर जाता है। इस प्रकरण में भी ये सीधे सीधे नशा करने वालों द्वारा करना ही प्रतीत होता है। ये वो बीमार लोग है जो एडिक्शन नाम की बीमारी का शिकार हो गए है और यह सब कार्य उनका नशा उनसे करवा रहा है यदि इनका उपचार करवाया जाता तो इस अपराध से बचा जा सकता था। आजकल ग्वालियर संभाग में ग्वालियर, मुरैना, भिंड ,दतिया, श्योपुर और झाँसी में लोग स्मैक के नशे की गिरफ्त में आ गए है जिनको शीघ्र उपचार की आवश्यकता है जिससे इस तरह के अपराधों से बचा जा सकता है । 

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