वे लोग जो अब अपने नशे को नियंत्रित नही कर पा रहे है और उनका नशा लगातार बढ़ता जा रहा है और वे चाह कर भी उसे बंद नही कर पा रहे है इसका अर्थ यह है कि अब वे एडिक्शन नामक बीमारी से पीड़ित हो गए है और अब उनको उपचार के माध्यम से ही ठीक किया जा सकता है। विभिन्न रिसर्च बताती है कि निम्न प्रकृति के व्यक्तियों में एडिक्शन से पीड़ित होने या एडिक्ट/नशैलची होने की संभावना ज्यादा होती है -
1. जिन बच्चों के माता या पिता, नाना-नानी या दादा-दादी में से कोई नशैलची होता है ;
2. वे बच्चे जो अकेले रहना ज्यादा पसंद करते है और जिनमे दोस्त बनाने की योग्यता काम होती है और यदि दोस्त बन भी लेते है तो उसको बनाये नही रख पाते है ;
3. वे बच्चे जो अपनी भावनाओं को व्यक्त नही कर पाते है जैसे गुस्सा आने पर उसको न निकलना और उसको दबा के रखे रहना जिनको हम घुन्ना कहते है या उन्हें कोई चिंता है तो उसको दूसरों के साथ शेयर न करना और अकेले ही उसके लिए परेशान होना ;
4. ऐसे बच्चे जिनके घरों में माता और पिता के सम्बन्ध ख़राब होते है और उनमें बच्चों के सामने ही विवाद होता रहता है ;
5. जो बच्चे बहुत छोटी उम्र में मादक पदार्थ लेने लगते है उनमें एडिक्ट होने की ज्यादा सम्भावना होती है क्योंकि उनके दिमाग का वह हिस्सा जो निर्णय लेता है, जजमेंट करता है और स्व नियंत्रण करता है अभी विकसित हो रहा होता है न की विकसित हो चुका रहता है फिर भी बड़ी उम्र में भी एडिक्शन में फंसने की संभावना रहती है ;
6. ऐसे छोटी उम्र के बच्चे जो नशा करने वाले बच्चों के साथ रहते है ;
7. वे बच्चे जिनकी प्रवत्ति खतरनाक काम करने की होती है ;
8. ऐसे बच्चे जिनका बचपन में किसी तरह का शारीरिक शोषण हुआ हो।
नशा मुक्ति केंद्र भोपाल, बिलासपुर, रायपुर, ग्वालियर, जयपुर, लखनऊ, जबलपुर, वड़ोदरा, सागर, होशंगाबाद, सोनभद्र, ललितपुर, टीकमगढ़, इंदौर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़
1. जिन बच्चों के माता या पिता, नाना-नानी या दादा-दादी में से कोई नशैलची होता है ;
2. वे बच्चे जो अकेले रहना ज्यादा पसंद करते है और जिनमे दोस्त बनाने की योग्यता काम होती है और यदि दोस्त बन भी लेते है तो उसको बनाये नही रख पाते है ;
3. वे बच्चे जो अपनी भावनाओं को व्यक्त नही कर पाते है जैसे गुस्सा आने पर उसको न निकलना और उसको दबा के रखे रहना जिनको हम घुन्ना कहते है या उन्हें कोई चिंता है तो उसको दूसरों के साथ शेयर न करना और अकेले ही उसके लिए परेशान होना ;
4. ऐसे बच्चे जिनके घरों में माता और पिता के सम्बन्ध ख़राब होते है और उनमें बच्चों के सामने ही विवाद होता रहता है ;
5. जो बच्चे बहुत छोटी उम्र में मादक पदार्थ लेने लगते है उनमें एडिक्ट होने की ज्यादा सम्भावना होती है क्योंकि उनके दिमाग का वह हिस्सा जो निर्णय लेता है, जजमेंट करता है और स्व नियंत्रण करता है अभी विकसित हो रहा होता है न की विकसित हो चुका रहता है फिर भी बड़ी उम्र में भी एडिक्शन में फंसने की संभावना रहती है ;
6. ऐसे छोटी उम्र के बच्चे जो नशा करने वाले बच्चों के साथ रहते है ;
7. वे बच्चे जिनकी प्रवत्ति खतरनाक काम करने की होती है ;
8. ऐसे बच्चे जिनका बचपन में किसी तरह का शारीरिक शोषण हुआ हो।
नशा मुक्ति केंद्र भोपाल, बिलासपुर, रायपुर, ग्वालियर, जयपुर, लखनऊ, जबलपुर, वड़ोदरा, सागर, होशंगाबाद, सोनभद्र, ललितपुर, टीकमगढ़, इंदौर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़
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